जमशेदपुर के एसडीओ ने वन स्टॉप सेंटर एवं चाइल्ड हेल्पलाइन का किया गया औचक निरीक्षण, मूलभूत सुविधाओं की उपलब्धता को लेकर दिए आवश्यक दिशा-निर्देश

जमशेदपुर : धालभूम के अनुमंडल पदाधिकारी शताब्दी मजूमदार द्वारा रेडक्रॉस भवन के तीसरे तल में अवस्थित सखी- वन स्टॉप सेंटर एवं चाईल्ड हेल्पलाइन का औचक निरीक्षण किया गया. मौके पर कार्यपालक दण्डाधिकारी चंद्रजीत सिंह एवं सुदीप्त राज उपस्थित थे. निरीक्षण के दौरान उन्होने वन स्टॉप सेंटर में पीड़ित महिलाओं को प्रदान की जाने वाली चिकित्सा सुविधा, काउंसलर, चिकित्सकों की प्रतिनियुक्ति, विधिक सहायता एवं परामर्श, पुलिस सहायता इत्यादि सुविधाओं की जानकारी ली. रात्रि प्रहरी नहीं होने के कारण वर्तमान में पीड़ित महिलाओं को नाईट स्टे नहीं कराया जाता है, इसपर यथाशीघ्र रात्रि प्रहरी के प्रतिनियुक्ति हेतु आवश्यक कार्रवाई को लेकर आश्वस्त किया गया. साथ ही अलग-अलग किचेन एवं वॉशरूम बनाने को लेकर निर्देशित किया.

वहीं व्यवस्थाओं को और सुदृढ़ किए जाने, साफ-सफाई को लेकर निर्देशित किया गया. गौरतलब है कि निजी एवं सार्वजनिक स्थलों पर परिवार, समुदाय, कार्यस्थल के अंदर महिलाओं के साथ होने वाले यौन उत्पीड़न, भावनात्मक, मनोवैज्ञानिक और आर्थिक दुर्व्यवहार एवं हिंसा से पीड़ित महिलाओं के सहयोग के लिए सखी-वन स्टॉप सेन्टर बनाया गया है. अनुमंडल पदाधिकारी धालभूम ने वन स्टॉप सेन्टर में आने वाली पीड़ित महिलाओं को उनके कानूनी अधिकारों, निःशुल्क विधिक सहायता, सरकार से मिलने वाली योजनाओं का लाभ आदि के संबंध में जानकारी प्रदान करने हेतु निर्देशित किया ताकि हिंसा का शिकार महिलाएं सेंटर का अधिकाधिक लाभ उठा सके.

उन्होने चाइल्ड हेल्पलाइन को भी और क्रियाशील बनाने की बात कही. साथ ही उन्होने जिलेवासियों से अपील किया कि कोई अव्यस्क बच्चा किसी प्रकार से शोषित एवं अपने मौलिक अधिकारों से वंचित दिखे तो टोल फ्री नंबर 1098 पर सूचना जरूर दें ताकि प्रशासन द्वारा उनका उचित आवासन एवं देखभाल सुनिश्चित किया जा सके. इसके तहत सखी वन स्टॉप सेंटर हेल्पलाइन नंबर- 9430123165, टोल फ्रीनं- 181, चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर 1098 में अनुमंडल पदाधिकारी, धालभूम द्वारा वन स्टॉप सेंटर एवं चाईल्ड हेल्पलाइन का औचक निरीक्षण किया गया. वहीं, पीड़ितों के कानूनी अधिकार, रात्रि आश्रय हेतु सुरक्षा प्रहरी, मूलभूत सुविधाओं की उपलब्धता को लेकर दिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिया गया.

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