जमशेदपुर : जमशेदपुर के परसुडीह थाना क्षेत्र के लोको कॉलोनी की रहने वाली 9 क्लास की छात्रा सरस्वती पूजा के दिन गायब थी. माता- पिता दोनों काम करने गए थे. जब घर लौटे तो पता चला कि बेटी घर में नहीं है. जब आस- पास और अपने रिश्तेदार के यहां पूछ- ताछ किया तो कुछ भी पता नहीं चला. तब परिजनों द्वारा परसुडीह थाने में बेटी के गुम होने की लिखित शिकायत की गई. लड़की की मां ने पंचायत की मुखिया, पूर्व पंचायत समिति और बस्ती की अन्य महिलाओं जानकारी दी. तब पता चला कि लड़की अक्सर पड़ोसा की रहने वाली निशा तीयू नामक महिला के घर जाया करती थी.
सरस्वती पूजा के दिन अपने मकान मालिक को गांव जाने की बात बोल कर निकली थी और उसी रात घर वापसी भी हो गई थी. घरवालों ने शक के आधार पर निशा तीयू से कड़ाई से पूछताछ किया तो बताया मैं अपनी बहन को रांची छोड़ने गयी थी. बहन दिल्ली जा रही है. इन लोगों शक हुआ और इसे पकड़ कर परसुडीह पुलिस के हवाले कर दिया. इसी बीच अनजान महिला के मोबाइल फोन से अपने भाई को फोन कर बोली में दिल्ली जा रही हूं घूमने के लिए, और फोन काट दी. इसकी सूचना परसुडीह थाना प्रभारी दी गई. थाना प्रभारी द्वारा उक्त नंबर पर फोन किया तो बताई कि बोकारो से बोल रही हूं.
प्रभारी द्वारा कड़ाई से पूछने पर अपना नाम अंजलि कच्छप बताया,और लड़की को बोकारो के रेलवे स्टेशन में आरपीएफ के हवाले कर दिया. फ़िलहाल अभी धनबाद के महिला बाल सुरक्षा हॉस्टल में रखा गया है. नाबालिक लड़की की मां ने पड़ोसा में रहने वाली निशा तीयू पर बाहला- पुसला कर मेरी बेटी को दलाल अंजलि कच्छप के हाथों बेचने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि मुझे शक है कि निशा तीयू लड़की बेचने का काम करती है.
पुलिस कड़ाई से पूछताछ करेगी तो पूरे मामला का खुलासा हो जाएगा. वही पंचायत की मुखिया काजल हांसदा ने कहा कि हमारे पंचायत में ह्यूमन ट्रैफिक का मामला प्रकाश में आया है और एक नाबालिक लड़की को बहला फुसला कर दिल्ली में बेचने का काम यहां की रहने वाली महिला निशा तीयू द्वारा की गई है. यह गंभीर मामला है उन्होंने पुलिस से उच्च स्तरीय जांच कर उचित कार्रवाई करने की मांग की है. कहा इसमें जो भी लोग दोषी है उसे गिरफ्तार किया जाए और भविष्य में भी कोई भी बेटी किसी दलाल के चक्कर में फंसकर अपना जिंदगी बर्बाद ना करें.