कन्नौज: राजकीय मेडिकल कॉलेज में युग दधीचि अभियान के तहत एक और पार्थिव शरीर का दान किया गया। कानपुर के पनकी क्षेत्र के 80 वर्षीय ओमप्रकाश ने छह साल पहले ही अपनी मृत्यु के बाद शरीरदान का संकल्प लिया था। उनके निधन के बाद परिवार ने उनकी इच्छा का सम्मान करते हुए पार्थिव शरीर का दान कर दिया।
गायत्री परिवार से जुड़े रहे ओमप्रकाश के बेटों आनंद और विवेक ने पिता की अंतिम इच्छा को पूरा करने के लिए युग दधीचि अभियान के प्रमुख मनोज सेंगर और महासचिव माधवी सेंगर से संपर्क किया। अंतिम संस्कार की औपचारिकताओं के बाद समाजसेवी विनय दुबे की मदद से पार्थिव शरीर को मेडिकल कॉलेज पहुंचाया गया।
मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. सीपी पाल के अनुसार, विशेष केमिकल की मदद से इस पार्थिव शरीर को तीन महीने तक सुरक्षित रखा जा सकेगा। इससे एमबीबीएस के छात्रों को मानव शरीर की आंतरिक संरचना को समझने में मदद मिलेगी, जो उनकी पढ़ाई का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
देहदान अभियान से जुड़े समाजसेवी विनय दुबे ने बताया कि यह मेडिकल कॉलेज को मिला पांचवां पार्थिव शरीर है। यह अभियान भविष्य में भी जारी रहेगा, जिससे मेडिकल छात्रों को बेहतर प्रशिक्षण मिल सके और वे आगे चलकर लोगों का बेहतर इलाज कर सकें। इस तरह के शरीरदान से न केवल मेडिकल शिक्षा को बढ़ावा मिलता है, बल्कि यह समाज के लिए एक प्रेरणादायक उदाहरण भी बनता है।