कन्नौज। आज सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण लवली जायसवाल की देखरेख में जनपद न्यायालय से जनपद न्यायाधीश / अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण चन्द्रोदय कुमार ने आगामी 08 मार्च को आयोजित होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत के प्रचार-प्रसार हेतु प्रचार वाहन को हरी झण्डी दिखा कर परिवार न्यायालय, एम०ए०सी०टी० कोर्ट, पुलिस कार्यालय, कलेक्ट्रेट, विकास भवन, सी०एम०ओ०, नगरपालिका सदर जिला अस्पताल, से होते हुए पाल चौराहा, तहसील सदर, ग्राम न्यायालय तिर्वा, तहसील तिर्वा, एवं बाह्य न्यायालय छिबरामऊ, तहसील छिबरामऊ के गाँवों के साथ ही साथ अन्य सार्वजनिक स्थानों पर लोक अदालत के व्यापक प्रचार प्रसार हेतु जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से जनपद न्यायालय कन्नौज से रवाना किया। इस मौके पर अपर जनपद न्यायधीश प्रथम/नोडल अधिकारी राष्ट्रीय लोक अदालत लोकेश वरूण तथा समस्त न्यायिक अधिकारीगण एवं लीगल एड डिफेन्स काउन्सिल, पैनल अधिवक्ता, पराविधिक स्वयं सेवक एवं समस्त कर्मचारीगण उपस्थित रहे।
इसी क्रम में प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय, पीठासीन अधिकारी मोटर दुर्घटना परितोष अधिकरण, बाह्य न्यायालय छिबरामऊ जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक, मुख्य चिकित्साधिकारी, द्वारा भी प्रचार-प्रसार वाहन को हरी झण्डी दिखा कर रवाना किया गया, जिससे जिले के गाँवों एवं सुदूर क्षेत्रों में लोक अदालत का व्यापक प्रचार प्रसार हो सके। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा विधिक साक्षरता शिविरों के माध्यम से लोंगों को जागरूक किया जा रहा है। सचिव लवली जायसवाल द्वारा लोक अदालत का व्यापक प्रचार-प्रसार करने हेतु जिला विधिक सेवा प्राधिकरण कार्यालय में पत्रकारों के साथ बैठक आहूत कर 08 मार्च 2025 को होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत अधिक से अधिक व्यापक प्रचार प्रसार किये जाने का अनुरोध किया गया। एफ०एम० रेडियो वॉइस आफ कन्नौज में लोक अदालत की आवश्यता एवं लाभ के विषय पर कार्यकम कर लोक अदालत में अपने-अपने मामलों को सुलह-समझौते के माध्यम से निपटाने हेतु जनपद के वादकारियों से अपील की गयी।
विधिक साक्षरता एवं जागरूकता के क्रम में तहसील तिर्वा ब्लाक में पराविधिक स्वयं सेवक पिंकी एवं तहसील छिबरामऊ में स्थित नगर हीरालाल इण्टर कालेज व नगर पालिका गुरसहायगंज में पराविधिक स्वयं सेवक साजिब, मोसमीन एवं सीमा बानो द्वारा जानकारी प्रदान करते हुये बताया गया कि प्रसव पूर्व भ्रूण लिंक की जाँच करवाना अपराध है। कन्याभ्रूण हत्या एवं गिरते लिंग अनुपात को रोकने के लिए उक्त अधिनियम बनाया गया है। उनके द्वारा बताया गया कि यदि गर्भ 20 सप्ताह से अधिक ना हो ऐसे में गर्भ में बने रहने से गर्भवती स्त्री का जीवन जोखिम में होगा अथवा पैदा होने वाला बच्चा शारीरिक या मानसिक असमानताओ पीडित होगा है एवं सरकार द्वारा चलाई जा रही परोपकारी योजनाओं एवं उ०प्र० मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना के सम्बन्ध में विस्तार से बताया इसके अतिरिक्तं लोक अदालत के माध्यम से सुलभ एवं सस्ता न्याय प्राप्त करने की जानकारी प्रदान कर आगामी दिनांक 08 मार्च 2025 को आयोजित होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत का प्रचार कर पम्प्लेट्स का वितरण किया गया।