कन्नौज: “पर ड्राप मोर काप” (माइकोइरीगेशन) वर्ष 2024-25 के अन्तर्गत आज 50 कृषकों हेतु एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम सेन्टर ऑफ एक्सीलेन्स फॉर बेजीटेवल, उमर्दा, कन्नौज पर आयोजित किया गया। प्रशिक्षण प्रारम्भ करते हुए प्रभारी / वरिष्ठ उद्यान निरीक्षक शिव सेवक पाण्डेय द्वारा वर्तमान मे कृषको द्वारा अपनाई जा रही सिंचाई पद्धति पर चर्चा करते हुए उसकी कमियों के बारे मे जानकारी दी गयी तथा उसके सापेक्ष सूक्ष्म सिंचाई पद्धति यथा ड्रिप तथा स्प्रिंकलर के लाभों के बारे मे अवगत कराया गया एवं सूक्ष्म सिंचाई योजना अपनाने के लिए कृषकों को अभिप्रेरित किया गया।
कृषि विज्ञान केन्द्र, औरैया के वैज्ञानिक डॉ० आई०पी० सिंह ने प्रशिक्षण में भाग ले रहे कृषकों को जनपद के विकास खण्डों में गिरते भू-जल स्तर को संरक्षित रखने एवं जल संचयन के तरीकों की जानकारी दी। उन्होने औद्यानिक फसलों में सूक्ष्म सिंचाई प्रणाली के उपयोग एवं लाभों से अवगत कराया। केन्द्र के तकनीकी सलाहकार, डॉ० दलगंजन सिंह ने जनपद में उगायी जा रही फसलों में ड्रिप तथा स्प्रिंकलर के द्वारा सिंचाई करने हेतु बल दिया गया।
मे० स्वास्ति पॉलीटेक, रेवाड़ी हरियाणा के कृषि अभियन्ता बृजेश राठौर द्वारा कृषकों को प्रोजेक्टर के माध्यम से सूक्ष्म सिंचाई प्रणाली का विस्तृत प्रशिक्षण दिया गया। मे० एस०आर०एम० प्लास्टोकेम, कोटा राजस्थान तथा खेदुत इरीगेशन इण्डिया प्रा०लि०, राजकोट गुजरात द्वारा प्रदर्श लगाकर कृषकों को व्यवहारिक प्रशिक्षण दिया गया। भोजनावकाश के बाद केन्द्र परिसर में स्थापित पॉली हाउस में लगे प्रदर्शों का भ्रमण एवं प्रशिक्षण दिया गया। अन्त में योजना प्रभारी द्वारा अवगत कराया गया कि ड्रिप तथा मिनी स्प्रिंकलर सिंचाई पद्धति हेतु लघु एवं सीमान्त कृषकों को 90 प्रतिशत तथा सामान्य कृषकों को 80 प्रतिशत अनुदान दिया जाता है इसी प्रकार पोर्टेबल स्प्रिंकलर हेतु लघु एवं सीमान्त कृषकों को 75 प्रतिशत तथा सामान्य कृषकों को 65 प्रतिशत अनुदान दिया जाता है। इस अवसर पर केन्द्र के उद्यान विशेषज्ञ वैभव प्रताप सिंह तथा पादप रोग विशेषज्ञ श्री महेन्द्र कुमार एवं कम्पनियों/फर्मों के प्रतिनिधि उपस्थित रहें।