विश्वविद्यालय में वीसी का पद खाली, छात्रों को नहीं मिल रही डिग्रियां; शिक्षकों का वेतन भी रुका

रांची: झारखंड में उच्च शिक्षा व्यवस्था प्रभारी अधिकारियों के भरोसे चल रही है, लेकिन नीलांबर-पीतांबर विश्वविद्यालय (एनपीयू) में स्थायी कुलपति की अनुपस्थिति ने स्थिति को और भी जटिल बना दिया है। यहां तक कि प्रभारी कुलपति भी नहीं है, जिससे रूटीन कार्य लगभग ठप हो गए हैं। यूनिवर्सिटी कैंपस में छात्रों को विभिन्न शैक्षणिक पत्रों और अन्य कार्यों के लिए निराश लौटना पड़ रहा है। डिग्री, प्रोविजनल सर्टिफिकेट, और अन्य प्रमाण पत्रों के लिए आवेदन जमा किए गए हैं, लेकिन कुलपति का पद खाली रहने के कारण कोई आगे की कार्रवाई नहीं हो पा रही है।

इस स्थिति के कारण यूनिवर्सिटी शिक्षकों और स्टाफ का वेतन भी रुक गया है। छात्रों और शिक्षकों की परेशानी को देखते हुए एनएसयूआई ने तीन दिन पहले प्रदर्शन और नारेबाजी की थी। उनका कहना था कि डिग्रियां और प्रोविजनल सर्टिफिकेट नहीं मिलने से छात्रों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, इसलिए कुलपति के पद पर शीघ्र नियुक्ति की जाए। राज्य के अन्य चार विश्वविद्यालयों में भी कुलपति का पद प्रभार में चल रहा है।

बता दें कि नीलांबर-पीतांबर विश्वविद्यालय में पिछले 2 साल से स्थायी वीसी नहीं है। इस बीच दूसरे विवि के कुलपति और प्रमंडलीय आयुक्त को वीसी का प्रभार दिया गया। निवर्तमान पलामू प्रमंडल के आयुक्त बाल किशुन मुंडा को एनपीयू के वीसी का प्रभार दिया गया था, जो पिछले माह 31 जनवरी को सेवानिवृत्त हो गए। इसके बाद से वीसी का पद खाली है। 10 दिनों मे यूनिवर्सिटी को प्रभारी वीसी भी नहीं मिला है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!